CTET Paper II (Upper Primary: Class 6-8)

हिंदी अपठित गद्यांश - उच्च स्तरीय पठन बोध question bank (Language II (Hindi))

Practice 20 free CTET Paper II (Upper Primary: Class 6-8) Language II (Hindi) - हिंदी अपठित गद्यांश - उच्च स्तरीय पठन बोध questions with answers and step-by-step solutions.

Q1.
बच्चों को गणित पढ़ाते वक्त आवश्यक है कि हम इससे संबंधित महत्वपूर्ण विषयों के बारे में अपने व्यवहार और दृष्टिकोणों से परिचित हों। उदाहरण के लिए, हम गणित को कैसे देखते हैं? क्या हम समझते हैं कि यह एक अमूर्त, रूखा एवं जटिल विषय है जिसमें बहुत कुछ याद रखने की जरूरत होती है और जो वास्तव में कुछ लोगों के लिए ही है? या मानते हैं कि यह एक दिलचस्प और अर्थपूर्ण विषय है, जिसमें सोचने की आवश्यकता होती है और जिसे हर कोई सीख सकता है। एक और क्षेत्र जिस पर विचार करना चाहिए वह है हमारी यह धारणा कि बच्चे किस प्रकार से सीख सकते हैं। हम सभी शिक्षक यह महसूस करते हैं कि प्रत्येक कक्षा में कुछ बच्चे सीखने में ज्यादा तेज़ होते हैं और शेष बच्चों की तुलना में गणित जल्दी से सीख लेते हैं। और कुछ बच्चे ऐसे होते हैं जो बिल्कुल भी नहीं सीख पाते हैं। इस तरह से हम बच्चों का वर्गीकरण कर डाल लेते हैं - धीमी-तेज़ गति से सीखने वाले, न सीखने वाले आदि। हममें से कुछ मानते हैं कि यह अंतर बच्चों के सामाजिक परिवेश की वजह से है। क्या कक्षा के अंदर ऐसे कोई कारक होते हैं, जो बच्चों की गणित सीखने की क्षमता को प्रभावित करते हैं; जैसे - पाठ्यक्रम, अध्यापक का दृष्टिकोण और सिखाने के तरीके आदि।

गद्यांश में गणित से संबंधित किस धारणा का उल्लेख हुआ है?

CTET Paper II - Dec 2021 session, 10 Jan 2022 (CBT), Q122 (Official PYQ)

(A)
गणित की पढ़ाई अभियांत्रिकी के लिए आवश्यक है।
(B)
गणित की पाठ्यपुस्तकें बहुत जटिल होती हैं।
(C)
गणित वास्तव में कुछ लोगों के लिए ही है।
(D)
गणित का सीखना प्राथमिक स्तर पर होना चाहिए।
Show answer & solution
Verified Answer & Solution Locked
Sign in to your free student account to reveal verified answers, instant hints, and detailed explanations.
Sign in to view
Q2.
बच्चों को गणित पढ़ाते वक्त आवश्यक है कि हम इससे संबंधित महत्वपूर्ण विषयों के बारे में अपने व्यवहार और दृष्टिकोणों से परिचित हों। उदाहरण के लिए, हम गणित को कैसे देखते हैं? क्या हम समझते हैं कि यह एक अमूर्त, रूखा एवं जटिल विषय है जिसमें बहुत कुछ याद रखने की जरूरत होती है और जो वास्तव में कुछ लोगों के लिए ही है? या मानते हैं कि यह एक दिलचस्प और अर्थपूर्ण विषय है, जिसमें सोचने की आवश्यकता होती है और जिसे हर कोई सीख सकता है। एक और क्षेत्र जिस पर विचार करना चाहिए वह है हमारी यह धारणा कि बच्चे किस प्रकार से सीख सकते हैं। हम सभी शिक्षक यह महसूस करते हैं कि प्रत्येक कक्षा में कुछ बच्चे सीखने में ज्यादा तेज़ होते हैं और शेष बच्चों की तुलना में गणित जल्दी से सीख लेते हैं। और कुछ बच्चे ऐसे होते हैं जो बिल्कुल भी नहीं सीख पाते हैं। इस तरह से हम बच्चों का वर्गीकरण कर डाल लेते हैं - धीमी-तेज़ गति से सीखने वाले, न सीखने वाले आदि। हममें से कुछ मानते हैं कि यह अंतर बच्चों के सामाजिक परिवेश की वजह से है। क्या कक्षा के अंदर ऐसे कोई कारक होते हैं, जो बच्चों की गणित सीखने की क्षमता को प्रभावित करते हैं; जैसे - पाठ्यक्रम, अध्यापक का दृष्टिकोण और सिखाने के तरीके आदि।

बच्चों की गणित सीखने की क्षमता को प्रभावित करने वाले कक्षा के अंदर के किस कारक का उल्लेख नहीं किया गया है?

CTET Paper II - Dec 2021 session, 10 Jan 2022 (CBT), Q123 (Official PYQ)

(A)
अध्यापक का गणित के प्रति दृष्टिकोण
(B)
गणित सिखाने के तरीके
(C)
गणित की शिक्षण सामग्री
(D)
गणित का पाठ्यक्रम
Show answer & solution
Verified Answer & Solution Locked
Sign in to your free student account to reveal verified answers, instant hints, and detailed explanations.
Sign in to view
Protected Questions

Unlock All 12 Questions in हिंदी अपठित गद्यांश - उच्च स्तरीय पठन बोध

Log in or sign up free to access every question with complete solutions, create chapter practice tests, and track your performance.

Sign up free to access all 12 questions

Unlock every हिंदी अपठित गद्यांश - उच्च स्तरीय पठन बोध question, generate papers, and practice at your own pace.