CTET Paper I (Primary: Class 1-5)

हिंदी अपठित गद्यांश - पठन बोध प्रश्न question bank (Language II (Hindi))

Practice 6 free CTET Paper I (Primary: Class 1-5) Language II (Hindi) - हिंदी अपठित गद्यांश - पठन बोध प्रश्न questions with answers and step-by-step solutions.

Q1.
साकार, दिव्य गौरव विराट !
पौरुष के पुंजीभूत ज्वाल !
मेरी जननी के हिमकिरीट !
मेरे भारत के दिव्य भाल !
मेरे नगपति ! मेरे विशाल !
युग-युग अजेय, निर्बंध, मुक्त,
युग-युग गर्वोन्नत नित महान,
निस्सीम व्योम में तान रहे,
युग से किस महिमा का वितान ?
कैसी अखंड यह चिर समाधि ?
यतिवर ! कैसा यह अमर ध्यान ?
तू महाशून्य में खोज रहा
किस जटिल समस्या का निदान ?
उलझन का कैसा विषम-जाल
मेरे नगपति ! मेरे विशाल !

हिमालय को 'यतिवर' ! कहकर संबोधित किया गया है, क्योंकि वह

CTET Paper I - Dec 2019, Q105 (Official PYQ)

(A)
भारत का प्रहरी है ।
(B)
पर्वतों का स्वामी है ।
(C)
समाधि में लीन है ।
(D)
समस्या का हल ढूँढ़ रहा है ।
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Q2.
जीवन अस्थिर अनजाने ही,
हो जाता पथ पर मेल कहीं,
सीमित पग डग, लंबी मंजिल,
तय कर लेना कुछ खेल नहीं।
दाएँ-बाएँ सुख-दुख चलते,
सम्मुख चलता पथ का प्रसाद,
जिस-जिस से पथ पर स्नेह मिला,
उस-उस राही को धन्यवाद।

“सीमित पग” प्रतीक है -

CTET Paper I - Feb 2026 (08 Feb), Q103 (Official PYQ)

(A)
संकरे मार्ग का
(B)
सीमित मित्रों का
(C)
सीमित संसाधनों का
(D)
सीमित रास्ते का
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